A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेमध्यप्रदेशसागर

क्षीरधारा योजना के प्रथम चरण में 52 ग्राम चयनित, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा फोकस

FB IMG 1774097463271 2सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना पहली प्राथमिकता है। इसके क्रियान्वयन के लिए सभी प्राथमिकता के साथ कार्य करें। उक्त निर्देश कलेक्टर संदीप जी आर ने दिए। जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित “क्षीर धारा योजना” के अंतर्गत जिले के 52 ग्रामों का चयन किया गया है। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार इस योजना के माध्यम से चयनित ग्रामों को विकसित कर “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में स्थापित किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत जिले के 52 चयनित ग्रामों में पशुओं की नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, संतुलित पशु आहार एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पशुपालकों को आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों से अवगत कराते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हो सके। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत जिले के सभी 52 ग्रामों को चरणबद्ध तरीके से आगामी 3 वर्षों में “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्धि के आधार पर ग्रामों का वर्गीकरण किया जाएगा, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि वाले ग्रामों को प्रथम श्रेणी, 50 से 70 प्रतिशत उपलब्धि वाले ग्रामों को द्वितीय श्रेणी तथा 50 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले ग्रामों को तृतीय श्रेणी में रखा जाएगा। प्रथम वर्ष की कार्य योजना में चयनित ग्रामों में पशुओं का उच्च नस्ल से गर्भधारण, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं ट्रैगिंग का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। उच्च नस्ल से गर्भधारण के लक्ष्य हेतु निकृष्ट सांडो का बधियाकरण, बॉझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जाए। हरे चारे के उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। साथ ही चारा बीज की मिनीकिट भी वितरित की जाएगी। पशुपालन विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इस योजना से जिले में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होने के साथ ही पशुपालकों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Back to top button
error: Content is protected !!